ePaper Reading mode

Punjab Patrika ePaper

Thursday, 15 October 2026

Fazilka News-: कर्ण गिलहोत्रा फाउंडेशन की मां की पावन चौकी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Fazilka News-: कर्ण गिलहोत्रा फाउंडेशन की मां की पावन चौकी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

फाजिल्का - कर्ण गिलहोत्रा फाउंडेशन द्वारा आयोजित मां की पावन चौकी में फाजिल्का जिले में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चौकी में हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां के चरणों में शीश नवाया और भजनों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मां की चौकी से पहले फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा विधि-विधान के साथ मां के पूजन से की गई। इसके बाद फाउंडेशन के संचालक कर्ण गिलहोत्रा ने मां की पावन ज्योति प्रज्वलित कर चौकी का शुभारंभ किया।

चौकी में पंजाबी गायक रोशन प्रिंस का फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद रोशन प्रिंस ने गणेश वंदना के साथ मां की चौकी की शुरुआत की। उन्होंने मां बगलामुखी, काली कलकत्ते वाली और पिंडी दा श्रृंगार सहित कई प्रसिद्ध भेंटें प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा पंडाल मां के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस अवसर पर फाजिल्का के लेखक एवं गायक रजत मिड्ढा द्वारा लिखी गई भेंटें भी प्रस्तुत की गईं। इनमें 'बुगनी', 'साढ़े घर आ', 'खिलौने बाजार तो मिलदे ने' और 'रस्ते च मां मिल गई' जैसी भेंटों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान कर्ण गिलहोत्रा फाउंडेशन की ओर से पंजाबी भजन गायक रोशन प्रिंस और रजत मिड्ढा को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।

चौकी के उपरांत कर्ण गिलहोत्रा ने सभी श्रद्धालुओं का जताया आभार

चौकी के समापन पर कर्ण गिलहोत्रा फाउंडेशन के संचालक कर्ण गिलहोत्रा ने भजन गायक रोशन प्रिंस, रजत मिड्ढा, केजीएफ टीम के सदस्यों और कार्यक्रम में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मां की चौकी में शामिल होने के लिए पंडाल तक पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के कदमों को वह नमन करते हैं। उन्होंने मां के चरणों में अरदास करते हुए सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति बनाए रखने की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और मां के जयकारों के साथ कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।