Monday, 28 September 2026
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Fazilka News-:सतलुज के किनारे कंटीली तार के पार बसे गांव के लोगों की आवाज बनूंगा: करण गिलहोत्रा”
फाजिल्का - फाजिल्का के प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी करण गिलहोत्रा द्वारा विभिन्न समाजों के लोगों, यूनियन नेताओं, गांवों और शहर के लोगों से मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। वह पिछले कुछ महीनों से लोगों के सुख-दुख तथा खुशी-गमी के अवसरों पर उनके बीच जाकर उनसे मिल रहे हैं। समाजसेवी होने के नाते वह लोगों की समस्याओं को समझकर उन्हें निस्वार्थ भाव से हल करने का प्रयास कर रहे हैं।
फाजिल्का जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों और किसानों के साथ बैठकें करके उनकी समस्याओं को हल करवाने के लिए वह पंजाब सरकार, अधिकारियों और केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर लगातार प्रयासरत हैं।
इसी कड़ी के तहत बीते कल उन्होंने फाजिल्का जिले के सीमावर्ती गांव मुहार जमशेर पहुंचकर गांववासियों की मुश्किलें सुनीं और उनके समाधान के लिए पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी तथा केंद्र सरकार से बातचीत करने का भरोसा दिया। यहां यह बताना जरूरी है कि गांव मुहार जमशेर भारत का एकमात्र ऐसा सीमावर्ती गांव है, जो तीन तरफ से पाकिस्तान से घिरा हुआ है। इसके दो तरफ सतलुज नदी बहती है। अर्थात पूर्व, पश्चिम और उत्तर की तरफ पाकिस्तान तथा पूर्व और दक्षिण की तरफ सतलुज नदी है। दक्षिण दिशा से यह गांव भारत के अन्य हिस्से से जुड़ा हुआ है।
सतलुज नदी के किनारे बीएसएफ की एक चौकी स्थापित की गई है। आने-जाने वाले राहगीरों या गांव के प्रत्येक निवासी की एंट्री बीएसएफ के रजिस्टर में दर्ज होती है और प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक जांच की जाती है। फसल की बुआई से लेकर कटाई तक सभी कार्य बीएसएफ की निगरानी में होते हैं। खेती की देखभाल के लिए किसानों को पूरा समय भी नहीं मिल पाता।
इस गांव की त्रासदी यह रही है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान या किसी अन्य देश से छोटी-मोटी घटना होने के कारण इस गांव को उजड़ने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। पंजाब बॉर्डर एरिया किसान यूनियन, जिला फाजिल्का की टीम ने पिछले दिनों पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी से मुलाकात कर उन्हें इस गांव के लोगों की व्यथा सुनाई थी। इस संबंध में माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने विश्वास दिलाया था कि वह जल्द ही इस संबंध में गांव के लोगों के साथ बैठक करके उनकी स्थिति जानेंगे।
करण गिलहोत्रा ने गांववासियों की आपबीती सुनी। उन्होंने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह जल्द ही पंजाब के राज्यपाल माननीय श्री गुलाब चंद कटारिया जी तथा बीएसएफ के महानिदेशक के साथ उनकी बैठक करवाएंगे और उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मेरे क्षेत्र के लोग मेरे अपने हैं। उनकी जिंदगी की दुश्वारियों को सुनकर मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए हैं कि हमारे अपने ये लोग आजाद भारत में ऐसा जीवन जी रहे हैं, जो किसी गुलामी से कम नहीं है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था और न ही जिंदगी में कभी कल्पना की थी कि हमारे इस गांव के लोग ऐसी जिंदगी जी रहे हैं।”
इस अवसर पर उनके साथ पंजाब बॉर्डर एरिया किसान यूनियन, जिला फाजिल्का के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह संधू, प्रदेश कमेटी सदस्य श्री शाम लाल कंबोज, मीडिया प्रभारी लवप्रीत कंबोज, ब्लॉक अध्यक्ष बशीर सिंह, सचिव रणजीत सिंह रिशू, सोहन सिंह, सरदार वस्सन सिंह, गांव मुहार जमशेर के सरपंच सरदार वीर सिंह, गांव मुहार जमशेर की समस्त पंचायत एवं गांववासी, गांव मुहार खीवा मानसा के सरपंच सरदार स्वर्ण सिंह, गांव मुहार सोना के सरपंच सरदार गुरचरण सिंह, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन सरदार परमजीत सिंह, किसान नेता धीरा बराड़, राणा घुरका तथा अन्य किसान उपस्थित थे।