Tuesday, 15 September 2026
Punjab
पीएम पोषण योजना की समस्याओं पर गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन फाजिल्का ने उठाई आवाज
फाजिल्का। गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (जीटीयू) जिला फाजिल्का की बैठक में स्कूलों में संचालित पीएम पोषण योजना (मिड-डे-मील) से जुड़ी समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई गई। यूनियन पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग और सरकार के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि 30 सितंबर तक लंबित मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो जिले के स्कूलों में मिड-डे-मील का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
यूनियन नेताओं ने कहा कि मिड-डे-मील योजना का नाम बदलकर पीएम पोषण किया गया है, लेकिन बढ़ती महंगाई के बावजूद प्रति विद्यार्थी मिलने वाली कुकिंग कॉस्ट बेहद कम है। यूनियन ने मांग की कि यह राशि बढ़ाकर कम से कम 10 रुपये प्रति बच्चा की जाए।
बैठक में बताया गया कि पिछले दो से तीन महीनों से स्कूलों को केवल सूखा राशन मिल रहा है, जबकि सब्जियां, मसाले, तेल और ईंधन सहित अन्य आवश्यक सामग्री के लिए राशि जारी नहीं की गई है। यूनियन के अनुसार, स्कूल खातों को एसएनए (सिंगल नोडल अकाउंट) व्यवस्था में बदलने की प्रक्रिया ब्लॉक स्तर पर पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते अनुदान राशि अटकी हुई है।
यूनियन ने आरोप लगाया कि बच्चों के हित को देखते हुए कई शिक्षक अपनी जेब से खर्च कर भोजन तैयार करवा रहे हैं। साथ ही, विभाग की ओर से बच्चों को फल वितरित करने जैसे नए निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं। नेताओं का कहना है कि कम वेतन या अस्थायी नियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक लंबे समय तक निजी खर्च से यह व्यवस्था चलाने की स्थिति में नहीं हैं।
बैठक में शिक्षकों से उधार लिए गए सामान के बैक-डेट जीएसटी युक्त पक्के बिल मांगे जाने के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई गई। यूनियन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी दुकानों के पास प्रायः जीएसटी नंबर नहीं होता, जिससे ऐसे बिल उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इससे मिड-डे-मील इंचार्जों और शिक्षकों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ रहा है।
जीटीयू फाजिल्का ने मांग की कि बकाया ग्रांटें तत्काल जारी की जाएं, एसएनए खातों से संबंधित तकनीकी समस्या दूर की जाए और जीएसटी बिलों की शर्त पर पुनर्विचार किया जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि 30 सितंबर तक इन मांगों पर कार्रवाई न होने पर सभी स्कूलों में मिड-डे-मील बनाना बंद कर पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। यूनियन ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और प्रशासन की होगी।