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फाजिल्का जिला बार एसोसिएशन चुनाव पर बैलेट पेपर विवाद, उम्मीदवार ने धांधली का आरोप लगाया; नए प्रधान ने किया खंडन

शिकायतकर्ता पक्ष ने अतिरिक्त बैलेट पेपरों को कब्जे में लेने, रिटर्निंग अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की बात कही है।

फाजिल्का जिला बार एसोसिएशन चुनाव पर बैलेट पेपर विवाद, उम्मीदवार ने धांधली का आरोप लगाया; नए प्रधान ने किया खंडन
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फाजिल्का। जिला बार एसोसिएशन फाजिल्का के चुनाव के बाद बैलेट पेपरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रहे अधिवक्ता गुलशन महरोक और उनके समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया, मतगणना तथा बैलेट पेपरों की छपाई में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। वहीं, नवनिर्वाचित प्रधान सिद्धार्थ खुराना ने किसी भी तरह की हेराफेरी से इनकार किया है।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता पक्ष ने अतिरिक्त बैलेट पेपरों को कब्जे में लेने, रिटर्निंग अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की बात कही है।

मतगणना के दौरान प्रक्रिया पर उठाए सवाल

गुलशन महरोक के पक्ष के वकीलों का आरोप है कि मतदान समाप्त होने के बाद सीसीटीवी ऑपरेटरों और पोलिंग एजेंटों को मतगणना कक्ष से बाहर कर दिया गया। उनका दावा है कि रिटर्निंग अधिकारी कुछ समय तक बंद कमरे में रहे और एजेंटों को अलग-अलग दरवाजों के बीच भेजकर देरी कराई गई।

वकीलों के अनुसार, मतदान 11 तारीख को सुबह 9 बजे से शाम 4:30 बजे तक हुआ था। चुनाव प्रक्रिया के लिए पांच सदस्यों को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिनमें से दो सदस्यों के अलग होने के बाद तीन सदस्यों द्वारा प्रक्रिया संचालित की गई।

मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर सिद्धार्थ खुराना ने गुलशन महरोक को 28 मतों से हराया था। महरोक पक्ष ने कुछ अन्य पदों के मतों के अंतर का भी हवाला देते हुए चुनाव परिणामों की जांच की मांग की है।

प्रिंटिंग प्रेस में अतिरिक्त बैलेट पेपर मिलने का दावा

शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि चुनाव के बाद बिना सीरियल नंबर वाली और हस्ताक्षरित कटी-फटी पर्चियां व बैलेट पेपर मिले। इसके बाद वे बैलेट पेपर छापने वाली मेन बाजार स्थित गोकलानी प्रिंटिंग प्रेस पहुंचे, जहां उन्हें कथित तौर पर बिना सीरियल नंबर वाले अतिरिक्त बैलेट पेपर मिले।

वकीलों का आरोप है कि चुनाव के लिए निर्धारित संख्या से काफी अधिक बैलेट पेपर छापे गए थे। उनका कहना है कि इन अतिरिक्त बैलेट पेपरों की जांच की जानी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि वे मतदान प्रक्रिया में इस्तेमाल हुए या नहीं।

प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारी ने बताई अतिरिक्त प्रिंटिंग की वजह

प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी राजकुमार ने कथित तौर पर कहा कि कुछ बैलेट पेपर गलती से अतिरिक्त छप गए थे। उनके अनुसार, इन्हें नष्ट किया जाना था, लेकिन दुकान मालिक के बेटे के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण वे नष्ट नहीं हो सके। कर्मचारी ने छपाई से संबंधित बिल उपलब्ध होने और स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी दलजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।

सिद्धार्थ खुराना ने हेराफेरी से किया इनकार

नवनिर्वाचित प्रधान सिद्धार्थ खुराना ने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस से कुछ बैलेट पेपर गलती से अधिक छप गए थे। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपरों पर क्रमांक मौजूद थे और चुनाव में किसी प्रकार की हेराफेरी नहीं हुई।

नोट: बैलेट पेपरों की छपाई, कथित अतिरिक्त प्रतियों और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच अथवा सक्षम चुनाव/न्यायिक प्राधिकरण के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।