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Fazilka News-:वायरल तस्वीर में बड़ी गलती: 16 सितंबर को लिखा ‘मंगलवार’, जबकि दिन था ‘बुधवार’-आम आदमी पार्टी से जुड़ी बताई जा रही तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

वायरल तस्वीर के शीर्ष पर “मंगलवार, 16 सितंबर” लिखा है। हालांकि, कैलेंडर के अनुसार 16 सितंबर 2026 बुधवार था। तारीख और दिन की इस स्पष्ट असंगति को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।

Fazilka News-:वायरल तस्वीर में बड़ी गलती: 16 सितंबर को लिखा ‘मंगलवार’, जबकि दिन था ‘बुधवार’-आम आदमी पार्टी से जुड़ी बताई जा रही तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
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-जागरण के चीफ रिपोर्टर रितेश कुकड़ ने कहा—अखबार में ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं हुई

फाजिल्का। सोशल मीडिया पर इन दिनों अखबार के पन्ने जैसी दिखाई देने वाली एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में आम आदमी पार्टी से जुड़ी एक राजनीतिक खबर के साथ इंजीनियर गुरिंदरपाल शाहरी की तस्वीर दिखाई दे रही है। पहली नजर में यह किसी अखबार की असली खबर जैसा प्रतीत होती है, लेकिन इसमें दर्ज कुछ विवरण इसकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े करते हैं।

वायरल तस्वीर के ऊपर “मंगलवार, 16 सितंबर” लिखा हुआ है, जबकि 16 सितंबर 2026 बुधवार था। तारीख और दिन की इस स्पष्ट गलती के बाद तस्वीर के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार किए जाने की आशंका पर चर्चा तेज हो गई है।

तस्वीर में बड़ी हेडलाइन, आम आदमी पार्टी का लोगो और अखबार के अन्य हिस्सों जैसी सामग्री दिखाई गई है। इसमें फाजिल्का विधानसभा क्षेत्र के लिए इंजीनियर गुरिंदरपाल शाहरी से संबंधित राजनीतिक चर्चा का संकेत दिया गया है। इसके कारण कुछ लोग इसे वास्तविक अखबारी खबर मानकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

जागरण की ओर से भी नहीं प्रकाशित हुई ऐसी खबर

इस वायरल तस्वीर को लेकर जागरण के फाजिल्का चीफ रिपोर्टर रितेश कुकड़ ने स्पष्ट किया है कि जागरण समाचार पत्र में इस तरह की कोई खबर प्रकाशित नहीं की गई। इस स्पष्टीकरण के बाद वायरल तस्वीर की विश्वसनीयता पर और सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि इसे किस व्यक्ति ने बनाया या सबसे पहले किसने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। लेकिन तारीख और दिन की गलती तथा संबंधित समाचार पत्र की ओर से ऐसी खबर प्रकाशित न किए जाने की पुष्टि से तस्वीर की प्रामाणिकता संदिग्ध दिखाई देती है।

AI के दौर में खबर की पुष्टि जरूरी

यह मामला बताता है कि AI की सहायता से अखबार या समाचार जैसी दिखने वाली तस्वीरें बनाना आसान हो गया है। किसी भी वायरल सामग्री को असली खबर मानकर साझा करने से पहले उसके मूल स्रोत, अखबार के वास्तविक संस्करण, तारीख, दिन और संबंधित पत्रकार या संस्था से पुष्टि करना जरूरी है।

दूसरी तरफ जब गुरविंदर पाल सिंह शाहरी का पक्ष जानने के लिए उनका फोन किया गया उनके द्वारा भी कहा गया कि अभी तक उनके पास  ना  कोई पोस्ट पहुंची है। ना ही उनके द्वारा कोई भी ऐसी खबर लगवाई गई है।

नोट: वायरल तस्वीर में 16 सितंबर को मंगलवार दर्शाया गया है, जबकि 16 सितंबर 2026 बुधवार था। जागरण के फाजिल्का चीफ रिपोर्टर रितेश कुकड़ ने भी स्पष्ट किया है कि जागरण की ओर से इस प्रकार की कोई खबर प्रकाशित नहीं की गई।