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जीनियस कॉन्वेंट स्कूल कटैहडा में अभिभावक-शिक्षक बैठक, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता सपडा ने कहा कि हरित जीवन अभियान के माध्यम से जल एवं ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश अभिभावकों तक पहुंचाया गया।

जीनियस कॉन्वेंट स्कूल कटैहडा में अभिभावक-शिक्षक बैठक, पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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जल एवं ऊर्जा संरक्षण को लेकर अभिभावकों को किया जागरूक, स्वच्छता और स्वस्थ आदतों पर भी दिया जोर

फाजिल्का: जीनियस कॉन्वेंट स्कूल, कटैहडा में आज अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार और कक्षा में उनकी सहभागिता को लेकर अभिभावकों के साथ विस्तार से चर्चा की।

अभिभावक-शिक्षक बैठक के साथ विद्यालय की ओर से चलाए जा रहे हरित जीवन अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। अभिभावकों को जल एवं ऊर्जा संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए इन प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

जल और ऊर्जा बचाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी

विद्यालय के शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि पानी और ऊर्जा का सही एवं सीमित उपयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। घर में अनावश्यक रूप से पानी और बिजली की बर्बादी रोककर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को भी जल और ऊर्जा बचाने की आदतों के प्रति जागरूक करें, ताकि बचपन से ही उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अभिभावकों को स्वच्छता और स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों के साथ-साथ घर में भी स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय की ओर से कहा गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता को विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है।

पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : कविता सपडा

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता सपडा ने कहा कि हरित जीवन अभियान के माध्यम से जल एवं ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश अभिभावकों तक पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम अपने दैनिक जीवन में पानी और ऊर्जा की बचत तथा स्वच्छता को प्राथमिकता दें, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम उठाया जा सकता है।

आज के समय में जल-ऊर्जा संरक्षण जरूरी : राघव सपडा

विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री राघव सपडा ने कहा कि हरित जीवन अभियान के माध्यम से अभिभावकों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि जल एवं ऊर्जा संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस तरह के प्रयासों से समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवहार को लेकर शिक्षकों तथा अभिभावकों के बीच संवाद हुआ, वहीं जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, व्यक्तिगत स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता पैदा की गई।

विद्यालय की इस पहल के माध्यम से अभिभावकों और विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संदेश दिया गया।

एक्सपर्ट व्यू

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, जल और ऊर्जा की बचत केवल सरकारी या संस्थागत स्तर की जिम्मेदारी नहीं है। घर, स्कूल और कार्यस्थल पर संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने जैसी छोटी आदतें भी संरक्षण के व्यापक प्रयासों में योगदान दे सकती हैं। बच्चों को कम उम्र से ही पानी की बर्बादी रोकने, बिजली का अनावश्यक उपयोग न करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करना लंबे समय में सकारात्मक व्यवहार विकसित करने में मददगार हो सकता है।