जलालाबाद, एलिमेंट्री टीचर्स यूनियन पंजाब (रजि.) ने मास्टर कैडर में प्रमोशन के बाद शिक्षकों को स्टेशन अलॉट करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से इसमें पारदर्शिता बरतने की मांग की है। यूनियन नेताओं ने कहा कि प्रमोशन के बाद स्टेशन अलॉटमेंट में सीनियरिटी और शिक्षक की परिस्थितियों को उचित महत्व मिलना चाहिए, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया से कई शिक्षक असमंजस और मानसिक परेशानी में हैं।
यूनियन ने एक शिक्षक का उदाहरण देते हुए कहा कि स्कूल आने-जाने के लिए व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाले शिक्षक को इंग्लिश मास्टर के पद पर प्रमोशन के बाद मनसा से तरनतारन तबादला कर दिया गया। नेताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में स्टेशन अलॉट करते समय शिक्षक की सुविधा और व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
यूनियन नेताओं के अनुसार कई मामलों में सीनियरिटी को नजरअंदाज करने, दूर-दराज के स्टेशनों पर तैनाती और स्टेशन चुनने की प्रक्रिया स्पष्ट न होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों में अपने स्टेशन और सीनियरिटी को लेकर निराशा पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को स्टेशन अलॉटमेंट की प्रक्रिया को स्पष्ट करने के साथ-साथ संबंधित शिक्षकों को नियमों के अनुसार स्टेशन चुनने का अवसर देना चाहिए।
एलिमेंट्री टीचर्स यूनियन पंजाब (रजि.) के नेताओं हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, हरजिंदर हांडा, सतवीर सिंह रौनी, हरकिशन सिंह मोहाली, गुरिंदर सिंह घुकेवाली, सर्बजीत सिंह खडूर साहिब, सोहन सिंह मोगा, दलजीत सिंह लाहोरिया, मंजीत सिंह कथाना, अमृतपाल सिंह सेखों, निर्भय सिंह मालोवाल, अशोक कुमार सरारी, तरसेम लाल जालंधर, गुरविंदर सिंह बब्बू, रवि वाही, मलकीत सिंह कहनुवान, दिलबाग सिंह बौडे, प्रभजोत सिंह दुलांगल, जगनंदन सिंह फाजिल्का, मनोज घई, सुखदेव सिंह बेनीपाल, अवतार सिंह मान, हरप्रीत सिंह परमार, अश्वनी फज्जूपुर, रवि कांत, दिगपाल पठानकोट, जसवंत सिंह सेखरा, अवतार सिंह भलवान, हरजीत सिंह सिद्धू, हैरी मलोट, सुरिंदर कुमार मोगा, प्रीतभगवान सिंह फरीदकोट, चरणजीत सिंह फिरोजपुर सहित अन्य ने मांग की कि सरकार और शिक्षा विभाग स्पष्ट व पारदर्शी सीनियरिटी सूची जारी करें।
उन्होंने कहा कि सीनियरिटी या स्टेशन अलॉटमेंट से जुड़ी किसी भी गलती को तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही रिलीव प्रक्रिया के दौरान आने वाली दिक्कतों की भी समीक्षा कर समाधान किया जाए, ताकि प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
इस मौके पर नरेश पनयार, बी.के. महिमी, लखविंदर सिंह सेखों, नीरज अग्रवाल, जतिंदरपाल सिंह रंधावा, हरजिंदर सिंह चौहान, सतबीर सिंह, परमजीत सिंह बुद्धिविंड, रणजीत सिंह मल्हा, गुरदीप सिंह खुनखुन, कुलदीप सिंह नवांशहर, मनिंदर सिंह तरनतारन, रछपाल सिंह उदोके, जसवंत सिंह सेखड़ा, हरविंदर सिंह हैप्पी, हैरी मलोट, दिलबाग सिंह सैनी, ऋषि कुमार जालंधर, अशोक कुमार, परमबीर सिंह रोखे, लखविंदर सिंह संगुआना, नवदीप सिंह अमृतसर, रवि कुमार फरीदकोट, गुरदीप सिंह सैनी, धर्मेंद्र सिंह डोड, हरपिंदर सिंह तरनतारन, जसविंदर सिंह बातिश, मंजीत सिंह बॉबी, सुरजीत सिंह कालरा, जनकराज मोहाली, सतनाम सिंह पलिया, राकेश गर्ग, कुलबीर सिंह, अवतार सिंह पहलवान, जतिंदर ज्योति, बचन सिंह, रविंदर कुमार, बलकार सिंह, रमन कुमार पठानकोट, मेजर सिंह मसीती, नवरीत सिंह जॉली, सतीश कुमार फाजिल्का, दलीप सिंह सैनी, मंजीत सिंह पारस, पंकज अरोड़ा और जसविंदर सिंह मौजूद थे। प्राथमिक शिक्षक संघ (ईटीयू) पंजाब (रजि.) का प्रतिनिधित्व करने वाले जसपाल सिंह तरनतारन, सुखविंदर सिंह धामी, संदीप चौधरी, किमती लाल, गुरबीर सिंह ददेहर साहिब (मुक्तसर) और गुरदीप सिंह सैनी सहित नेताओं ने भी मांगों का समर्थन किया।