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फाजिल्का में बुजुर्ग गिरधारी लाल परवाना को बैंड-बाजे के साथ दी अंतिम विदाई

86 वर्ष की आयु में निधन; करीब 50 सदस्यों का परिवार और चौथी पीढ़ी छोड़ गए

फाजिल्का में बुजुर्ग गिरधारी लाल परवाना को बैंड-बाजे के साथ दी अंतिम विदाई
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फाजिल्का। नेहरू नगर निवासी 86 वर्षीय गिरधारी लाल परवाना के निधन के बाद परिजनों ने उन्हें बैंड-बाजे के साथ अंतिम विदाई दी। परिवार के सदस्य बैंड की धुनों के बीच उनकी अंतिम यात्रा को श्मशान भूमि तक लेकर पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अशोक नागवंशी ने बताया कि गिरधारी लाल परवाना ने स्वस्थ और संतुष्ट जीवन जिया। उनके पुत्र वेद प्रकाश परवाना ने कहा कि उनके पिता को कभी किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं रही। वे परिवार की जिम्मेदारियों को स्वयं निभाते रहे।

परिजनों के अनुसार, गिरधारी लाल परवाना का जन्म फिरोजपुर जिले में हुआ था। उनके परिवार में चार बेटे, पोते-पोतियां, बहुएं और अन्य सदस्य शामिल हैं। वह अपने पीछे करीब 50 सदस्यों का बड़ा परिवार छोड़ गए हैं और परिवार की चौथी पीढ़ी भी चल रही है।

बैंड-बाजे के साथ अंतिम यात्रा पर ले जाए जाते गिरधारी लाल परवाना।

वेद प्रकाश परवाना ने बताया कि उनके पिता ने जीवन भर बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाया तथा परिवार पर कोई दायित्व नहीं छोड़ा। परिजनों ने उनके जीवन, पारिवारिक मूल्यों और संतुष्ट जीवन को स्मरण करते हुए दुख के बीच सम्मानपूर्वक बैंड-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली।

अंतिम यात्रा जब शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी तो कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि देते नजर आए। बाद में श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया।