फ़ाज़िल्का पंजाब में 2600 अप्रेंटिस पदों की भर्ती को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। यूनियन ने दावा किया कि करीब 30 हजार युवाओं ने तकनीकी CDP परीक्षा दी थी, जिनमें से करीब 2600 अभ्यर्थी क्वालिफाई हुए। इनमें 2437 अभ्यर्थी PSPCL में अप्रेंटिस के तौर पर लाइनमैन ट्रेनिंग कर रहे थे, लेकिन ट्रेनिंग शुरू होने के करीब पांच महीने बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर नए नियम लागू होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया।
अभ्यर्थियों के अनुसार, पंजाब सरकार और PSPCL की ओर से अप्रेंटिसशिप के बजाय ITI आधार पर सीधे भर्ती किए जाने का फैसला लिया गया। इसके बाद 2437 प्रशिक्षुओं ने PSPCL कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि या तो नया प्रावधान वापस लिया जाए या उन्हें सीधे ALM पद पर नियुक्ति दी जाए। यूनियन का आरोप है कि धरने के दौरान DSP स्तर के अधिकारी की मौजूदगी में अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज भी किया गया।
यूनियन के मुताबिक आंदोलन के दौरान सरकार के साथ बनी सहमति के तहत अभ्यर्थियों से पंजाबी एलिजिबिलिटी परीक्षा लेने की बात कही गई थी। 20 जुलाई को पंजाबी परीक्षा आयोजित की गई और तीन दिन बाद इसकी आंसर-की भी जारी कर दी गई। यूनियन का दावा है कि सभी 2437 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा अच्छे अंकों से पास की, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उनकी ज्वाइनिंग नहीं करवाई गई है।
यूनियन के अनुसार, गिल्होत्रा ने भरोसा दिलाया कि वह स्वयं प्रशिक्षुओं के साथ PSPCL के CMD से बैठक करवाएंगे और 2600 अप्रेंटिस भर्ती, विशेषकर 2437 प्रशिक्षुओं के मामले को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
बैठक के दौरान करन गिल्होत्रा के अलावा हरीश नड्डा, धीरा बराड़ और प्रेमजीत चेयरमैन भी मौजूद रहे।
Fazilka News-:2600 अप्रेंटिस युवाओं की भर्ती का रास्ता निकालने का करन गिल्होत्रा ने दिया भरोसा
2437 अभ्यर्थियों का दावा—ट्रेनिंग के बीच बदले भर्ती नियम से भविष्य पर संकट; पंजाबी पात्रता परीक्षा पास करने के बाद भी ज्वाइनिंग का इंतजार