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Fazilka News-:पेयजल योजनाओं को चालू रखने में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर इनलिस्टमेंट और आउटसोर्स वर्करों ने सब-डिविजन कार्यालय के बाहर दिया धरना

वाटर सप्लाई योजना को चालू रखने के लिए कई बार वर्करों को मजबूरी में अपनी जेब से मरम्मत का खर्च करना पड़ता है। यह राशि पिछले काफी समय से रुकी हुई है।

Fazilka News-:पेयजल योजनाओं को चालू रखने में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर इनलिस्टमेंट और आउटसोर्स वर्करों ने सब-डिविजन कार्यालय के बाहर दिया धरना
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जलालाबाद,  ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं और फील्ड में सेवाएं दे रहे इनलिस्टमेंट और आउटसोर्स वर्करों को आ रही समस्याओं का समाधान करवाने के लिए जल सप्लाई एवं सैनिटेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (रजि. 31) की शाखा जलालाबाद की ओर से जिला प्रधान गुरमीत सिंह आलमके और ब्रांच प्रधान राकेश सिंह हीरेवाला की अगुवाई में जल सप्लाई एवं सैनिटेशन सब-डिविजन कार्यालय जलालाबाद (गुमानीवाला) के बाहर रोष धरना दिया गया।
इस मौके पर प्रदेश प्रेस सचिव सतनाम सिंह फलियावाला, सर्कल सचिव जसविंदर सिंह चक्क जानीसर, जिला महासचिव बलविंदर सिंह नूर सुमंद, जिला कोषाध्यक्ष महिंदर सिंह मन्नेवाला, कार्यालय स्टाफ से सुखचैन सिंह सोढ़ी सहित बड़ी संख्या में वर्करों ने भाग लिया।
धरने के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि वाटर सप्लाई योजनाओं और फील्ड में काम कर रहे इनलिस्टमेंट व आउटसोर्स वर्करों को मरम्मत के काम करवाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के तहत फंड नहीं मिलने के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लीकेज या टंकी की मरम्मत करवाने के लिए जब वर्कर विभाग के जेई से संपर्क करते हैं तो उन्हें गांव की ग्राम पंचायत से संपर्क करने के लिए कहा जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि वाटर सप्लाई योजना को चालू रखने के लिए कई बार वर्करों को मजबूरी में अपनी जेब से मरम्मत का खर्च करना पड़ता है। यह राशि पिछले काफी समय से रुकी हुई है। इसके अलावा लोग पानी के बिल जमा करवाने में रुचि नहीं लेते, जिसके चलते वाटर सप्लाई योजनाओं पर तैनात वर्करों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि वर्करों द्वारा वाटर सप्लाई योजनाओं की मरम्मत पर अपनी जेब से खर्च की गई राशि तुरंत जारी की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से लगाई गई ड्यूटी पूरी तनदेही से निभाई जाएगी और गांवों में पानी के बिल एकत्र करने के लिए विभागीय अधिकारी वर्करों को पूरा सहयोग दें, ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।
इस दौरान यूनियन ने फैसला किया कि मरम्मत के काम करवाने के लिए वर्कर अपनी जेब से पैसे खर्च नहीं करेंगे और इस संबंध में विभाग को लिखित रूप में जानकारी दी जाएगी।
धरने के दौरान यूनियन नेताओं के साथ जेई सुखविंदर सिंह ने बैठक की। जेई ने कहा कि मरम्मत के काम करवाने के लिए अब पंजाब सरकार की ओर से पंचायतों को वित्त आयोग के तहत ग्रांट भेजी जाती है। इसलिए वाटर सप्लाई योजनाओं की मरम्मत के लिए सरपंचों के साथ तालमेल किया जाए। जरूरत पड़ने पर विभाग की ओर से एस्टीमेट तैयार करके संबंधित गांव की पंचायत को भेजा जाएगा।