Skip to content

करण गिलहोत्रा के प्रयास से राजभवन और सीएम हाउस तक पहुंची पल्लेदारों की फरियाद

पल्लेदार लेबर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कटारिया और सीएम भगवंत मान से की मुलाकात; मांगों पर जल्द समाधान का मिला आश्वासन

करण गिलहोत्रा के प्रयास से राजभवन और सीएम हाउस तक पहुंची पल्लेदारों की फरियाद
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

चंडीगढ़/फाजिल्का। पंजाब के पल्लेदार मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को उनकी आवाज सीधे राज्यपाल भवन और मुख्यमंत्री तक पहुंची। पंजाब प्रदेश पल्लेदार लेबर यूनियन की जॉइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात कर मजदूरों की समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनते हुए मांगों और समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात को लेकर यूनियन पदाधिकारियों ने समाजसेवी एवं उद्योगपति करन गिल्होत्रा का विशेष आभार जताया। फाजिल्का से यूनियन प्रतिनिधि बख्तावर सिंह के मुताबिक, उन्होंने बैठक की जरूरत को लेकर महज एक दिन पहले ही गिल्होत्रा से संपर्क किया था। मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए गिल्होत्रा ने तत्काल पहल की और राज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात का रास्ता तैयार कराया।
जॉइंट एक्शन कमेटी और पल्लेदार यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि गिल्होत्रा के प्रयास से हजारों पल्लेदार मजदूरों की समस्याएं सीधे सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचीं। यूनियन नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन मिलने से मजदूरों में उम्मीद जगी है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात रखना जरूरी था। उन्होंने करन गिल्होत्रा का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने बिना देरी किए मजदूरों की समस्या को गंभीरता से उठाया और बैठकें करवाने में सहयोग किया।
बैठक में फूड ग्रेन एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के संस्थापक एवं महासचिव खुशी मोहम्मद, पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन अध्यक्ष शिंदरपाल सिंह, महासचिव बख्तावर सिंह, कानूनी सलाहकार मोहम्मद रफी, गल्ला मजदूर यूनियन अध्यक्ष हरदेव सिंह, फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन पंजाब अध्यक्ष रमेश कुमार, एफसीआई एंड फूड एजेंसी आजाद वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष करमदीन, पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन के सदस्य गुरसेवक सिंह तथा शमशेर सिंह फाजिल्का सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।